Tuesday, January 28, 2020

shyari

सूरज की लालिमा
जैसा चमकते रहना।
बुलंदी को पाने के लिए भटकते रहना। 
उम्मीद है मुलाकात बहुत ही शानदार होगी
अपनी यही सोच के साथ हमेशा मुस्कुराते रहना।।
-😊लेखक
अंकित शेखर

Shyari

शब्दों को जो समझ गए
वो शब्द ही निराले है।
वैसे तो सामने से तो
हम खुद को पसंद करते है।
लेकिन अपनी कर्मों से 
औरों की भी पसंद बन जाते है।।
😊 -लेखक
अंकित शेखर