Thursday, November 28, 2019

हमें बदनाम यूँ ना करो

हमें बदनाम यूँ ना करो
कोई शर्मिंदगी पे हँसने लगेगा

कसम की दुहाई देगा
शराफत का बाजार लगेगा

ये तमाशा का रंग गहरा होगा
ईमान के लिए पहरा होगा

करो नफरत इस कदर
की लो के आग में जलना होगा

बेबस,लाचार का सितम होगा
पुरानी सोच का आदेश होगा

मंजूरी हो सहने की 
मौसम में जोरदार ठनका होगा

क्या हुआ यादें में चोट होगा
दर्द की महसूस का सदा ऐसहस होगा

नाराजगी पे चुनाव होगा
फैसला पे अमल होगा

हमें बादाम यूँ ना करो
कोई शर्मिंदगी पे हँसने लगेगा।

लेखक
अंकित शेखर
धनबाद

Thursday, November 14, 2019

🌺और हम सीखते है 🌺

और हम सीखते है 

जिंदगी इम्तिहान लेती है 
और हम सीखते है l

बड़े ज्ञान देते है 
और हम सीखते है l

छोटे सामान देते है 
और हम उन्हें स्नेह देते है l

मौसम नए ऋतू का आवाहन करती है 
और हम वैसे ही ढल जाते है l

तस्वीर दीवारों में टांगते है 
और हम यादों को संजोऐ रखते है l

भूख सबसे बड़ी होती है 
और हम पेट के लिए कमाते है l

अग्रसर आगे बढ़ते है 
और हम मेहनती को अपनाते है l

जिंदगी इम्तिहान लेती है 
और हम सीखते है ll

लेखक ✍️
अंकित शेखर 
धनबाद 

Monday, November 11, 2019

शायराना✍

खुद को समझाऊँ तो समझाऊँ कैसे
ना समझ पाने की ज़िद करता है।
ये इल्ज़ाम  लगाऊ तो लगाऊ कैसे
ना तकलीफ को समझ सकता है।
अब गुनाह के हकदार हो गए 
लोगो को देखे समझदार हो गए।।।

-अंकित शेखर✍

Saturday, November 9, 2019

ये युवा

ये युवा !!

मुश्किलों से घबराना नहीं

चोट खाओ फिर भी 
मुस्कुराना वही

तलाश करते रहो हरदम
तुम खुद को

हाथ के लखीरों से
पहचान जाओ खुद को

यकीन करो तुम भी एक
दिन छु लोगे उस मोती को

जहाँ ठहरे हुए सागर भी
लहर लाने को तैयार हो

जीवन के उतार चढ़ाऊँ सीख लो 
करो चेतना ज्ञान का
भीख लो

 सूर्ये की लालिमा भी
भिकारने को बेताब हो

ये जन्म भूमि ही 
कर्म भूमि है 
ईश्वर ने ऐसा वरदान 
दिया हो

प्रफुल्लित मन से आनंद
लो
हस्ते हुए आज को जियो

देश भी युवा से हो
देश का गौरव भी युवा हो

शान से जीना
शान से   मारना
दिल से कहते अपना देश
हिंदुस्तान हो।।

लेखक
अंकित शेखर✍ 
धनबाद