Monday, November 11, 2019

शायराना✍

खुद को समझाऊँ तो समझाऊँ कैसे
ना समझ पाने की ज़िद करता है।
ये इल्ज़ाम  लगाऊ तो लगाऊ कैसे
ना तकलीफ को समझ सकता है।
अब गुनाह के हकदार हो गए 
लोगो को देखे समझदार हो गए।।।

-अंकित शेखर✍

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